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उपाय हब › शनि शांति विधान

साढ़े साती, ढैया व शनि शांति विधान

शनि देव के प्रकोप शमन, छाया दान, दशरथ कृत स्तोत्र व कर्म शुद्धि

शनि देव न्याय, कर्म और अनुशासन के अधिपति हैं। साढ़े साती या ढैया काल में मनुष्य को घबराने के बजाय अपने कर्मों में शुद्धि, अहंकार का त्याग, असहायों की सेवा, शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक और छाया दान करना चाहिए।

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छाया पात्र दान की शास्त्रीय विधि

शनिवार प्रातः एक कांसे या लोहे की कटोरी में शुद्ध सरसों का तेल भरें। उसमें अपने मुख की छाया (प्रतिबिंब) देखें और शनि देव से जाने-अनजाने हुए अपराधों की क्षमा मांगें। तत्पश्चात यह तेल पात्र किसी जरूरतमंद या शनि मंदिर में दान करें। इसे छाया दान कहते हैं।

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शास्त्रीय शनि शांति व कर्म सुधार उपाय 7 जाँचे हुए उपाय

SHANI SHASTRA शनि शमन
शनि यंत्र

शनि पीड़ा, नुकसान, झगड़े और बाधाओं को कम करने के लिए।

शास्त्रीय विधि: यंत्र को साफ पूजा स्थान, ऑफिस, दुकान या बताई गई दिशा में रखें।. पहली बार उपयोग से पहले साफ जल से शुद्ध करें; जहां उचित हो वहां दूध…
शनिवार पूरी विधि →
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