छाया ग्रह राहु-केतु एवं पूर्व कर्म आधारित पितृ दोष व कालसर्प दोष जीवन में अप्रत्याशित बाधाएं, मानसिक भ्रम व कार्यों में विलंब लाते हैं। शास्त्रों में इनके शमन हेतु बहते जल में नारियल प्रवाह, चांदी के नाग-नागिन का दान, श्वानों व पक्षियों को आहार और भगवान शिव का जलाभिषेक अत्यंत प्रभावी बतलाया गया है।
बारहवें भाव की सूची में काली गाय का बछड़ा पालना और घर में तुलसी का पौधा लगाना बताया गया है।
यह सेवा वाला उपाय है, जो भूमि, साहस, सुरक्षा और अनुशासन जैसे मंगल के विषयों से जुड़ा माना जाता है।
यह मंगल से जुड़ा सेवा उपाय है, जो रक्त, साहस और दूसरों की मदद से जुड़ा माना जाता है।
यह पौधे की देखभाल से जुड़ा उपाय है, जिसे सुरक्षा, अनुशासन और मंगल की तेज ऊर्जा को शांत करने से जोड़ा जाता है।
यह मंगल का पारिवारिक उपाय है, जिसमें भाई-बहनों के साथ सहयोग, सुरक्षा और झगड़ा कम करने पर ध्यान दिया जाता है।
मंगलवार को हनुमान जी की प्रार्थना करें या हनुमान चालीसा पढ़ें। यह मंगल की ऊर्जा को साहस, अनुशासन और सुरक्षा की दिशा में लगाने का पारंपरिक उपाय है।
इस मंच पर प्रस्तुत सभी उपाय, मंत्र, टोटके, रत्न एवं वास्तु सुझाव प्राचीन वैदिक, लाल किताब, शाबर एवं पारंपरिक लोक ग्रंथों के अध्ययन पर आधारित हैं। इन्हें आध्यात्मिक मार्गदर्शन, श्रद्धा एवं आत्म-सुधार हेतु प्रदान किया गया है।
यह उपाय किसी भी प्रकार की चिकित्सीय (Medical), कानूनी (Legal), मनोवैज्ञानिक या वित्तीय (Financial) सलाह का विकल्प नहीं हैं। शारीरिक या मानसिक अस्वस्थता, कानूनी विवाद अथवा वित्तीय संकट में सदैव लाइसेंस प्राप्त योग्य पेशेवर से परामर्श लें।
हम किसी चमत्कार, तांत्रिक अनुष्ठान, या परिणाम की 100% गारंटी का दावा नहीं करते। उपाय का प्रभाव व्यक्तिगत कर्म, निष्ठा, सात्विक भाव एवं ईश्वरीय इच्छा पर निर्भर करता है।
उपाय करते समय पूर्ण स्वच्छता, सात्विकता व दूसरों के प्रति सद्भाव रखें। किसी भी उपाय के प्रयोग का अंतिम उत्तरदायित्व पाठक एवं साधक के व्यक्तिगत विवेक पर होगा।