छाया ग्रह राहु-केतु एवं पूर्व कर्म आधारित पितृ दोष व कालसर्प दोष जीवन में अप्रत्याशित बाधाएं, मानसिक भ्रम व कार्यों में विलंब लाते हैं। शास्त्रों में इनके शमन हेतु बहते जल में नारियल प्रवाह, चांदी के नाग-नागिन का दान, श्वानों व पक्षियों को आहार और भगवान शिव का जलाभिषेक अत्यंत प्रभावी बतलाया गया है।
Rahu in 8th Varshphal के लिए यह सरल लाल किताब उपाय कहता है: जन्म माह के आठवें महीने से जन्मदिन तक 8 में से 4 बादाम मंदिर में चढ़ाएँ और 4 रखें; जन्मदिन बाद इकट्ठ…
Rahu in 9th child welfare के लिए यह सरल लाल किताब उपाय कहता है: कुत्तों की सेवा/देखभाल संतान के लिए सहायक मानी गई है।
Rahu in 11th after father's death के लिए यह सरल लाल किताब उपाय कहता है: पिता के निधन के बाद पीला भोजन और पीले वस्त्र पारंपरिक अनुशासन रूप में लें।
General Ketu articles के लिए यह सरल लाल किताब उपाय कहता है: केतु का संबंध पुत्र, भांजा, पौत्र, कुत्ता, चितकबरा कंबल, तिल, केला, इमली, चारपाई, कान, पैर और जोड़ स…
General Ketu correction के लिए यह सरल लाल किताब उपाय कहता है: गुरु को केतु कमजोरी कम करने वाला मुख्य सहारा माना गया है।
General Ketu timing के लिए यह सरल लाल किताब उपाय कहता है: केतु का पारंपरिक समय सूर्योदय से थोड़ा पहले माना गया है, खासकर सरल स्वच्छ उपायों के लिए।
इस मंच पर प्रस्तुत सभी उपाय, मंत्र, टोटके, रत्न एवं वास्तु सुझाव प्राचीन वैदिक, लाल किताब, शाबर एवं पारंपरिक लोक ग्रंथों के अध्ययन पर आधारित हैं। इन्हें आध्यात्मिक मार्गदर्शन, श्रद्धा एवं आत्म-सुधार हेतु प्रदान किया गया है।
यह उपाय किसी भी प्रकार की चिकित्सीय (Medical), कानूनी (Legal), मनोवैज्ञानिक या वित्तीय (Financial) सलाह का विकल्प नहीं हैं। शारीरिक या मानसिक अस्वस्थता, कानूनी विवाद अथवा वित्तीय संकट में सदैव लाइसेंस प्राप्त योग्य पेशेवर से परामर्श लें।
हम किसी चमत्कार, तांत्रिक अनुष्ठान, या परिणाम की 100% गारंटी का दावा नहीं करते। उपाय का प्रभाव व्यक्तिगत कर्म, निष्ठा, सात्विक भाव एवं ईश्वरीय इच्छा पर निर्भर करता है।
उपाय करते समय पूर्ण स्वच्छता, सात्विकता व दूसरों के प्रति सद्भाव रखें। किसी भी उपाय के प्रयोग का अंतिम उत्तरदायित्व पाठक एवं साधक के व्यक्तिगत विवेक पर होगा।