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उपाय हब › धन व कर्ज मुक्ति

धन प्राप्ति, कुबेर व कर्ज मुक्ति

आर्थिक संवृद्धि, ऋण मुक्ति, व्यापारिक प्रगति व स्थिर लक्ष्मी साधन

ज्योतिष शास्त्र में द्वितीय भाव (धन भाव) एवं एकादश भाव (लाभ भाव) की स्थिति से आर्थिक स्थिति निर्धारित होती है। कर्ज मुक्ति हेतु मंगलवार को ऋण की पहली किस्त चुकाने का नियम (ऋणमोचक मंगल), शुक्रवार को कनकधारा स्तोत्र पाठ, तिजोरी में गोमती चक्र स्थापना व दालचीनी के अचूक टोटके धन प्रवाह को सुगम बनाते हैं।

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ऋण मुक्ति का शास्त्रीय नियम: मंगलवार के दिन कभी किसी से कर्ज न लें। यदि कर्ज चुकाना हो, तो पहली किस्त मंगलवार को प्रातःकाल चुकाएं; यह एक पारंपरिक आस्था नियम है — गंभीर कर्ज में वास्तविक भुगतान योजना बनाएँ और वित्तीय सलाह लें।
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शास्त्रीय धन व समृद्धि उपाय 650 जाँचे हुए उपाय

DHAN PRAAPTI समृद्धि
पूर्णिमा से पहले आकर्षण लक्ष्य का अभ्यास

यह समय सकारात्मक परिणाम बढ़ाने और आकर्षित करने के लिए शुभ माना जाता है।

विधि: पूर्णिमा से दो-तीन रात पहले शांत बैठें।. धन, प्रेम या सफलता से जुड़ी एक साफ मनोकामना लिखें।…
पूर्णिमा से 2-3 रात पहले पूरी विधि →
DHAN PRAAPTI समृद्धि
शुक्ल पक्ष में नई शुरुआत का संकल्प

पारंपरिक मान्यता के अनुसार यह वृद्धि, आकर्षण और सकारात्मक गति में सहायक है।

विधि: अमावस्या के बाद और पूर्णिमा से पहले का दिन चुनें।. अपने नए लक्ष्य को सरल शब्दों में लिखें।…
शुक्ल पक्ष में कोई भी दि पूरी विधि →
DHAN PRAAPTI समृद्धि
शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए सोम मंत्र

पारंपरिक मान्यता के अनुसार यह शांति, शुभ स्वास्थ्य ऊर्जा और समृद्धि में सहायक है।

विधि: हाथ-मुंह धोकर शांत बैठें।. सोम मंत्र का 108 बार या क्षमता अनुसार जाप करें।…
सोमवार या चंद्र उदय के ब पूरी विधि →
DHAN PRAAPTI समृद्धि
अगली अमावस्या के लिए संकल्प तैयार करना

यह मन को अगली अमावस्या के संकल्प के लिए तैयार करता है।

विधि: कृष्ण पक्ष के अंतिम चरण में अगले चक्र के तीन संभावित संकल्प लिखें।. जो सबसे जरूरी और वास्तविक लगे, उसे चुनें।…
अमावस्या से पहले कृष्ण प पूरी विधि →
DHAN PRAAPTI समृद्धि
शुक्ल पक्ष के प्रथम चरण में दैनिक पुष्टि वाक्य

बढ़ते चंद्रमा के समय सकारात्मक विचार और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए उपयोगी माना जाता है।

विधि: एक सरल सकारात्मक वाक्य बनाएं।. इसे रोज 11 या 21 बार दोहराएं।…
शुक्ल पक्ष के प्रथम चरण पूरी विधि →
DHAN PRAAPTI समृद्धि
शुक्ल पक्ष के प्रथम चरण में लक्ष्य पर काम शुरू करें

मान्यता है कि इससे संकल्प विचार से कर्म में बदलता है।

विधि: अमावस्या के बाद लिखा हुआ एक लक्ष्य चुनें।. उसे तीन छोटे कामों में बांटें।…
शुक्ल पक्ष का प्रथम चरण पूरी विधि →
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