ज्योतिष शास्त्र में द्वितीय भाव (धन भाव) एवं एकादश भाव (लाभ भाव) की स्थिति से आर्थिक स्थिति निर्धारित होती है। कर्ज मुक्ति हेतु मंगलवार को ऋण की पहली किस्त चुकाने का नियम (ऋणमोचक मंगल), शुक्रवार को कनकधारा स्तोत्र पाठ, तिजोरी में गोमती चक्र स्थापना व दालचीनी के अचूक टोटके धन प्रवाह को सुगम बनाते हैं।
शिक्षा, संचार, गणित, व्यापार, कानून और बुध ग्रह सहायता के लिए।
केतु दोष, अचानक संकट से सुरक्षा की प्रार्थना, धन रक्षा और सट्टा/जोखिम से जुड़ी पारंपरिक मान्यता के लिए।
शुक्र सहायता, आनंद, सुख-सुविधा, सुंदरता, रचनात्मक करियर, प्रेम और दांपत्य सुख के लिए।
यश, पद, प्रतिष्ठा, धन, संपत्ति और स्वास्थ्य-सहायक प्रार्थना के लिए।
केतु दोष, कर्ज/मुकदमा/नुकसान और हड्डी/गठिया से जुड़ी स्वास्थ्य-सहायक प्रार्थना के लिए।
सौभाग्य, धन, नवग्रह संतुलन और ग्रहों के कठिन समय में सहायता के लिए।
इस मंच पर प्रस्तुत सभी उपाय, मंत्र, टोटके, रत्न एवं वास्तु सुझाव प्राचीन वैदिक, लाल किताब, शाबर एवं पारंपरिक लोक ग्रंथों के अध्ययन पर आधारित हैं। इन्हें आध्यात्मिक मार्गदर्शन, श्रद्धा एवं आत्म-सुधार हेतु प्रदान किया गया है।
यह उपाय किसी भी प्रकार की चिकित्सीय (Medical), कानूनी (Legal), मनोवैज्ञानिक या वित्तीय (Financial) सलाह का विकल्प नहीं हैं। शारीरिक या मानसिक अस्वस्थता, कानूनी विवाद अथवा वित्तीय संकट में सदैव लाइसेंस प्राप्त योग्य पेशेवर से परामर्श लें।
हम किसी चमत्कार, तांत्रिक अनुष्ठान, या परिणाम की 100% गारंटी का दावा नहीं करते। उपाय का प्रभाव व्यक्तिगत कर्म, निष्ठा, सात्विक भाव एवं ईश्वरीय इच्छा पर निर्भर करता है।
उपाय करते समय पूर्ण स्वच्छता, सात्विकता व दूसरों के प्रति सद्भाव रखें। किसी भी उपाय के प्रयोग का अंतिम उत्तरदायित्व पाठक एवं साधक के व्यक्तिगत विवेक पर होगा।