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सामाजिक मनोविज्ञान: संज्ञानात्मक असंगति, सामाजिक पहचान और समूह व्यवहार

मानवीय संबंधों और सामाजिक सोच का विज्ञान, कर्ट लेविन का फील्ड मॉडल, संज्ञानात्मक असंगति और पूर्वाग्रह निवारण पर 14 पाठ।

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लेखक: Kriyasya Companion 2 मिनट का पाठ अपडेट: October 23, 2026

सामाजिक मनोविज्ञान (Social Psychology) इस बात का वैज्ञानिक अध्ययन है कि अन्य लोगों की वास्तविक या कल्पित उपस्थिति हमारे विचारों, भावनाओं और व्यवहार को कैसे प्रभावित करती है। कर्ट लेविन (Kurt Lewin) के फील्ड सिद्धांत—जहाँ व्यवहार व्यक्ति और उसके परिवेश का साझा परिणाम है—से लेकर लियोन फेस्टिंगर के संज्ञानात्मक असंगति (Cognitive Dissonance) सिद्धांत तक, यह विषय मानव समाज की गहराई को उजागर करता है। हेनरी ताजफेल का सामाजिक पहचान सिद्धांत, सोलोमन ऐश के अनुरूपता (Conformity) के प्रयोग और स्टेनली मिलग्राम के आज्ञाकारिता अध्ययन बताते हैं कि समाज व्यक्ति के निर्णयों को कितनी गहराई से मोड़ता है। सामाजिक मनोविज्ञान मनोशिक्षा मॉड्यूल 14 वीडियो पाठों में सामाजिक अनुभूति, पूर्वाग्रहों के वैज्ञानिक कारणों, समूह की सोच (Groupthink) और दूसरों की मदद करने के विज्ञान की व्याख्या करता है।

संज्ञानात्मक असंगति और पूर्वाग्रह का मनोविज्ञान

जब हमारी सोच और हमारे काम में विरोधाभास होता है, तो मस्तिष्क में एक गहरा तनाव पैदा होता है जिसे फेस्टिंगर ने 'संज्ञानात्मक असंगति' कहा। इंसान इस तनाव से बचने के लिए अक्सर झूठे तर्क गढ़ता है। इसी तरह, ताजफेल के सामाजिक पहचान सिद्धांत के अनुसार लोग अपने समूह (In-Group) को श्रेष्ठ और दूसरे समूह (Out-Group) को हीन समझने लगते हैं, जिससे सामाजिक नफरत और पूर्वाग्रह जन्म लेते हैं।

मदद न करने की प्रवृत्ति: बाइस्टैंडर प्रभाव (Bystander Effect)

भीड़ में जब कोई दुर्घटना होती है, तो हर व्यक्ति यह सोचता है कि कोई और मदद करेगा (जिम्मेदारी का बिखराव)। सामाजिक मनोविज्ञान सिखाता है कि किसी एक व्यक्ति को सीधे संबोधित करके मदद मांगने से यह हिचकिचाहट तुरंत टूट जाती है।

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मानवीय संबंधों और सामाजिक सोच का विज्ञान, कर्ट लेविन का फील्ड मॉडल, संज्ञानात्मक असंगति और पूर्वाग्रह निवारण पर 14 पाठ।

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