गोपनीयता, सहमति और डेटा नैतिकता (Privacy, Consent and Data Ethics) वह सर्वोच्च सुरक्षा प्रणाली है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं के मानसिक स्वास्थ्य डेटा, गोपनीयता और पहचान की रक्षा करती है। आज इंटरनेट पर कई व्यावसायिक ऐप्स लोगों की मानसिक कमजोरियों का डेटा चुराकर विज्ञापनों के लिए बेचते हैं। यह ढांचा ऐसी अनैतिक प्रथाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाता है। भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDPA 2023) और अंतरराष्ट्रीय GDPR मानकों पर आधारित यह विषय डेटा न्यूनीकरण (Data Minimization) के नियम पर चलता है—यानी उतना ही न्यूनतम डेटा लिया जाए जो सीखने के लिए अनिवार्य हो। कोई भी व्यक्ति बिना अपना नाम या फोन नंबर दिए पूरी तरह अनाम रहकर वीडियो देख सकता है। गोपनीयता, सहमति और डेटा नैतिकता मनोशिक्षा मॉड्यूल 9 वीडियो पाठों में अनाम उपयोग, डॉक्टर के साथ डेटा साझा करने की स्पष्ट सहमति, डेटा एन्क्रिप्शन, बच्चों के लिए अभिभावक की सहमति और एक क्लिक में अपना सारा डेटा हमेशा के लिए मिटाने (Right to Erasure) के नियमों की व्याख्या करता है।
⚖️ स्वास्थ्य व विधिक सुरक्षा अस्वीकरण
यह डिजिटल स्व-सहायता अभ्यास और मार्गदर्शिका केवल सामान्य मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यक्तिगत आत्म-जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, नैदानिक मनोवैज्ञानिक परीक्षण, मनोचिकित्सा या डॉक्टर-मरीज संबंध का विकल्प नहीं है। यदि किसी भी शारीरिक या श्वास अभ्यास से आपको बेचैनी अथवा मानसिक तनाव महसूस हो, तो तुरंत रुकें और योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें।
आपातकालीन संकट सहायता: यदि आप किसी तीव्र मानसिक संकट या आत्म-नुकसान के विचारों का सामना कर रहे हैं, तो कृपया तुरंत आधिकारिक आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें: टेली-मानस (Tele-MANAS) (14416 / 1800-891-4416), किरण (KIRAN) राष्ट्रीय हेल्पलाइन (1800-599-0019, 24×7), अथवा राष्ट्रीय आपातकाल नंबर (112)।
अनाम उपयोग का अधिकार: बिना किसी डर के सीखें
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में हिचकिचाहट होती है। इसलिए प्लेटफॉर्म पर किसी भी मॉड्यूल को देखने के लिए लॉगिन या व्यक्तिगत जानकारी देना अनिवार्य नहीं है। कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान बताए बिना सुरक्षित रूप से सीख सकता है।
डेटा की कोई व्यावसायिक बिक्री नहीं
मानसिक परेशानी कोई विज्ञापन बेचने का साधन नहीं है। किसी भी तीसरे पक्ष या विज्ञापन कंपनी को उपयोगकर्ताओं का डेटा कभी नहीं दिया जाता। इंसान का दर्द एक पवित्र अमानत है, जिसकी रक्षा करना सर्वोच्च नैतिक धर्म है।
