रोम रोम तेरी मस्ती,
ऐसी कृपा करी आप ने,
बन गई मेरी हस्ती।।
मंईयां शेरा वाली,
लौटा ना कोई तेरे दर से,
लेकर झोली खाली,
हो राजा या कोई भिखारी,
तेरी रहमत सब पे बरसती,
मेरे तो चढ़ गई माँ,
रोम रोम तेरी मस्ती।।
कहीं वैष्णो रानी,
अलग अलग नौ रूप तुम्हारे,
दुर्गे मात भवानी,
तेरे दर्शन पाने को माँ,
उमड़ उठी हर बस्ती,
मेरे तो चढ़ गई माँ,
रोम रोम तेरी मस्ती।।
भेद नहीं कोई पाया,
ऋषि मुनि योगी संतों ने,
डट कर ध्यान लगाया,
तेरी एक झलक पाने को,
सब की आँख तरसती,
मेरे तो चढ़ गई माँ,
रोम रोम तेरी मस्ती।।
मुझ को भी अपने भक्तों में,
शामिल कर महा माया,
मगन हूँ माँ तेरे भजन में,
पार लगा मेरी कश्ती,
मेरे तो चढ़ गई माँ,
रोम रोम तेरी मस्ती।।
रोम रोम तेरी मस्ती,
ऐसी कृपा करी आप ने,
बन गई मेरी हस्ती।।
Rom Rom Teri Masti,
Aisi Kripa Kari Aap Ne,
Ban Gayi Meri Hasti.
Maiyya Shera Wali,
Lauta Na Koi Tere Dar Se,
Lekar Jholi Khali,
Ho Raja Ya Koi Bhikhari,
Teri Rehmat Sab Pe Barasti,
Mere To Chadh Gayi Maa,
Rom Rom Teri Masti.
Kahin Vaishno Rani,
Alag Alag Nau Roop Tumhare,
Durge Maat Bhavani,
Tere Darshan Pane Ko Maa,
Umad Uthi Har Basti,
Mere To Chadh Gayi Maa,
Rom Rom Teri Masti.
Bhed Nahin Koi Paya,
Rishi Muni Yogi Santon Ne,
Dat Kar Dhyan Lagaya,
Teri Ek Jhalak Pane Ko,
Sab Ki Aankh Tarasti,
Mere To Chadh Gayi Maa,
Rom Rom Teri Masti.
Mujh Ko Bhi Apne Bhakton Mein,
Shamil Kar Maha Maya,
Magan Hoon Maa Tere Bhajan Mein,
Paar Laga Meri Kashti,
Mere To Chadh Gayi Maa,
Rom Rom Teri Masti.
Rom Rom Teri Masti,
Aisi Kripa Kari Aap Ne,
Ban Gayi Meri Hasti.
भजन का मुख्य भाव है कि माँ की कृपा से भक्त का जीवन बदल जाता है, उसकी पहचान बन जाती है, और उसका मन भक्ति, आनंद और विश्वास से भर उठता है।
भजन यह भी बताता है कि माँ के दरबार से कोई खाली नहीं लौटता — चाहे राजा हो या भिखारी, माँ की कृपा सब पर समान रूप से बरसती है।
The central emotion of the song is spiritual ecstasy — the devotee feels so immersed in the Mother’s blessings that every pore of the body seems filled with her divine energy and joy.
Navratri, Mata ki Chowki, Jagran, Devi bhajan gatherings, festive devotional events, and energetic spiritual singing.
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