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दान एवं व्रत कैलेंडर: नवग्रह दान के नियम और वार अनुसार उपवास विधि

वार और ग्रहों के अनुसार दान और उपवास का प्रामाणिक मार्गदर्शक। जानें किस दिन क्या दान करना शुभ है, कौन सुपात्र है और व्रत के आवश्यक शास्त्रीय नियम क्या हैं।

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लेखक: 2 मिनट का पाठ अपडेट: October 21, 2026

सनातन परंपरा में दान और व्रत को कलयुग का सबसे बड़ा तप माना गया है। शास्त्रों का स्पष्ट कथन है कि बिना मूल्य चुकाए और बिना आत्म-संयम के कोई भी आध्यात्मिक प्रगति संभव नहीं है। लेकिन दान और उपवास भी तभी फलदायी होते हैं जब वे सही विधि, सही समय और सुपात्र व्यक्ति को दिए जाएं। मत्स्य पुराण के अनुसार, यदि कुंडली के शुभ योगकारक ग्रह की वस्तुओं का दान कर दिया जाए तो उसका बल क्षीण हो जाता है, जबकि अशुभ या कष्टकारी ग्रह की वस्तुओं का दान करने से ग्रह पीड़ा तुरंत शांत होती है। दान एवं व्रत कैलेंडर साधन (Daan & Vrat Calendar) सातों वारों के अधिपति ग्रहों, उनकी दान योग्य वस्तुओं, सही पात्र और उपवास के नियमों का विस्तृत विवरण देता है।

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वार अनुसार दान और उपवास का प्रामाणिक कैलेंडर देखें

जानें किस दिन क्या दान करना चाहिए और किस ग्रह के लिए क्या परहेज रखना जरूरी है। 7 दिनों का संपूर्ण दान-पुण्य एवं व्रत मार्गदर्शक।

7 दिनों का नवग्रह दान व व्रत नियम

सप्ताह के प्रत्येक दिन के लिए विशिष्ट दान और व्रत का विधान है:

वार व ग्रह दान की मुख्य वस्तुएं उचित सुपात्र उपवास (व्रत) का नियम
रविवार (सूर्य) गेहूं, गुड़, तांबे का बर्तन, लाल चंदन बुजुर्ग, साधु, नेत्रहीन विद्यालय नमक रहित आहार; सूर्यास्त से पूर्व एक बार भोजन
सोमवार (चंद्र) कच्चा दूध, चावल, मिश्री, चांदी, सफेद वस्त्र माता समान स्त्री, विधवा, रोगी दूध, खीर या साबूदाना; सात्विक फलाहार
मंगलवार (मंगल) मसूर दाल, गुड़, लाल वस्त्र, सिंदूर सैनिक, हनुमान मंदिर, रक्तदान नमक का त्याग; गुड़ की मीठी रोटी या हलवा
बुधवार (बुध) साबुत मूंग, हरी सब्जियां, हरी चूड़ियां, पुस्तकें विद्यार्थी, किन्नर, अनाथालय मूंग की दाल या हरी खिचड़ी का सेवन
गुरुवार (गुरु) चने की दाल, हल्दी, केले, पीतल के बर्तन गुरु, ब्राह्मण, शिक्षक, मंदिर के पुजारी पीला भोजन; बाल धोना और कपड़े धोना वर्जित
शुक्रवार (शुक्र) सफेद चावल, गाय का घी, कपूर, इत्र, दही कन्याएं (कन्या पूजन), असहाय महिलाएं खटाई का पूर्ण त्याग; खीर या दूध-भात का सेवन
शनिवार (शनि) सरसों का तेल, काले तिल, काली उड़द, लोहा, जूते सफाई कर्मी, मजदूर, असहाय वृद्ध, दिव्यांग सूर्यास्त के बाद एक समय उड़द की दाल की खिचड़ी
✦ सुपात्र दान का महत्व

गुप्त दान महादान माना गया है। जब दायां हाथ दान करे तो बाएं हाथ को भी पता न चले। अहंकार से रहित होकर दिया गया दान ही जन्म-जन्मांतर के पापों को नष्ट करता है।

आज का शुभ दान और व्रत जानें

दिन के अनुसार सही दान सामग्री और उपवास विधि का चयन करें।

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वार और ग्रहों के अनुसार दान और उपवास का प्रामाणिक मार्गदर्शक। जानें किस दिन क्या दान करना शुभ है, कौन सुपात्र है…

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