Lyrics (Language: Hindi – Hindi / Devanagari)
नाम की पहचान कोई,
संत बिरला पहचानता रै है जी।।
चार महिनो चतर मासो,
नर नारी पोढता,
अंग से अंग नही अडता,
नैणा से फल लागता है जी।।
सोम से सगाई करता,
ढोड से परणावता,
तोन सोम घर वासा करता वो राम।।
श्रे गाया घणी होती,
हसत्या के मान मान,
अन पाणी खाता कोनी,
दुध पीर दिन खाढता रै है जी।।
हिरा पन्ना घणा होता,
नरेयला के मान मान,
चंदा सुरज नाही तब,
हीरा का प्रकाश था।।
आवो हंसा जावो हंसा,
यही आदर भाव था,
गावै रै इस्माइल जोगी,
अगम का निशान था वो है जी।।
चार जुगा पहले ऐसा मंडाण था,
नाम की पहचान कोई,
संत बिरला पहचानता रै है जी।।
Lyrics (Language: Hinglish – Transliteration)
Nar naari podhta,
Ang se ang nahi adta,
Naina se phal lagta hai ji।।
Dhod se parnaavta,
Ton Som ghar vaasa karta wo Ram।।
Hasatya ke maan maan,
An paani khata koni,
Dudh peer din khaadhta rai hai ji।।
Nareyla ke maan maan,
Chanda suraj nahi tab,
Hira ka prakaash tha।।
Yahi aadar bhaav tha,
Gaavai rai Ismail jogi,
Agam ka nishaan tha wo hai ji।।
Naam ki pehchaan koi,
Sant birla pehchaanta rai hai ji।।
About the Bhajan (Language: English)
This bhajan talks about a time long ago when devotion and simplicity were valued. It reflects on how people lived in harmony, recognizing the divine in each other. The lines emphasize the importance of love and connection among all beings. Devotees sing this bhajan to remember the essence of true spirituality and the purity of relationships. It’s a reminder of how life was enriched by love and respect, and how these values are still important today. The bhajan encourages everyone to embrace these qualities in their lives.
भजन के बारे में (Language: Hindi)
यह भजन एक समय के बारे में बताता है जब भक्ति और सादगी को बहुत महत्व दिया जाता था। इसमें यह दर्शाया गया है कि लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर कैसे रहते थे और ईश्वर को पहचानते थे। इसके बोल प्रेम और संबंधों की अहमियत को बताते हैं। भक्त इस भजन को गाते हैं ताकि वे सच्ची espirituality और आपसी प्रेम की याद दिला सकें। यह हमें याद दिलाता है कि कैसे प्रेम और सम्मान से जीवन को समृद्ध किया जा सकता है, और ये मूल्य आज भी हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। यह भजन सभी को इन खूबसूरत गुणों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
क्रियास्य पर प्रदर्शित सभी भक्ति भजन, आरती, चालीसा एवं स्तोत्र के बोल केवल सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत भक्ति उपासना के उद्देश्य से प्रस्तुत किए गए हैं। हम सभी मूल रचनाकारों, संगीतकारों एवं कलाकारों का पूर्ण सम्मान करते हैं तथा किसी भी प्रकार के कॉपीराइट उल्लंघन को प्रोत्साहित नहीं करते हैं। यदि आप इस संगीत का आनंद लेते हैं, तो कृपया संबंधित कलाकारों का समर्थन करें और यूट्यूब म्यूजिक, स्पॉटिफाय, गाना, जियोसावन अथवा एप्पल म्यूजिक जैसे अधिकृत प्लेटफॉर्म से मूल संगीत सुनें या खरीदें। गीत के अधिकार धारक किसी भी प्रकार की आपत्ति अथवा सामग्री संबंधित समाधान के लिए [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं; हमारी टीम 48 घंटे के भीतर त्वरित समाधान सुनिश्चित करती है।