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सुषुम्ना (शांत संतुलन) • Absolute-beginner

श्वास जागरूकता

मन शांत करता है, चिंता कम करता है, वर्तमान क्षण की जागरूकता बढ़ाता है

5m
अनुशंसित समय
1
कुम्भक अनुपात
6
चरण
गर्भावस्था
कल्याण अस्वीकरण / Wellness Disclaimer: यहाँ प्रस्तुत योग अभ्यास, मुद्राएँ और श्वास तकनीकें शास्त्रीय परंपरा पर आधारित हैं और केवल शैक्षिक, कल्याण और समग्र जीवनशैली के उद्देश्यों के लिए हैं। ये किसी चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं हैं। कोई भी नया शारीरिक अभ्यास शुरू करने से पहले, विशेष रूप से यदि आपको पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है या आप गर्भवती हैं, तो योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। अपने शरीर की सहज सीमा में ही अभ्यास करें।
शास्त्रीय शास्त्र प्रमाण
Yoga Sutras of Patanjali 2.49
तस्मिन् सति श्वासप्रश्वासयोर्गतिविच्छेदः प्राणायामः ॥
tasmin sati śvāsa-praśvāsayor gati-vicchedaḥ prāṇāyāmaḥ ||
आसन सिद्ध होने पर श्वास और प्रश्वास की स्वाभाविक गति को नियंत्रित करना ही प्राणायाम है।
शास्त्रीय कुम्भक अनुपात (पूरक : कुम्भक : रेचक)
प्राकृतिक प्रवाह (1:0:1:0)
पूरक (श्वास): 4s • आंतर कुम्भक: 0s • रेचक (निकास): 4s
अभ्यास विधि व संरेखण
  1. सुखासन में आराम से बैठें
  2. आँखें बंद करें, कंधे ढीले करें
  3. बस प्राकृतिक श्वास का अवलोकन करें
  4. श्वास लेना और छोड़ना देखें, बदलें नहीं
  5. मन भटके तो कोमलता से श्वास पर लौटें
  6. 3-5 मिनट जारी रखें
शारीरिक एवं मानसिक प्रभाव
मन व स्नायु

मन शांत करता है, चिंता कम करता है, वर्तमान क्षण की जागरूकता बढ़ाता है

शरीर व प्राण

पैरासिम्पैथेटिक तंत्रिका तंत्र सक्रिय करता है, हृदय गति कम करता है

सदस्यता सुविधा · योग पास

शास्त्रीय 4-फेज कुंभक पेसर व स्टूडियो ऑडियो

पूरक, अंतर कुंभक, रेचक और बाह्य कुंभक के सटीक शास्त्रीय अनुपातों, सजीव दृश्य पेसर और फिश ऑडियो स्टूडियो मार्गदर्शन के साथ अभ्यास करें।

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