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देवता परिचय
Kalki
देवता परिचय

कल्कि अवतार — Kalki Avatar

कल्किन, विष्णुयशा, निष्कलंक, धर्मसंस्थापक

प्रमुख प्रतीकों, मंत्र, पूजा परंपराओं और संबंधित प्रार्थनाओं को एक स्थान पर समझें।

Avatars of Vishnu
आराधना का परिचय

प्रमुख परंपराएँ और प्रतीक

📅
पूजा दिवस
स्थिर नहीं; कुछ भक्त श्रावण शुक्ल षष्ठी और विष्णु/दशावतार पूजा में कल्कि का स्मरण करते हैं
🌺
अर्पण
सफेद फूल, धूप, दीप, सामान्य विष्णु अर्पण, तुलसी, सात्त्विक भोग
🎨
रंग
सफेद
ॐ
मूल मंत्र
ॐ कल्किने नमः
परिचय

कल्कि अवतार — Kalki Avatar

कल्कि विष्णु के दसवें और अंतिम दशावतार हैं, जिनका प्रकट होना भविष्य में कलियुग के अंत में बताया गया है। वे श्वेत अश्व देवदत्त पर सवार दिव्य योद्धा हैं, जो अधर्म का विनाश कर सत्ययुग की स्थापना करेंगे।

प्रसिद्ध मंदिर

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कल्कि पेरुमल मंदिर, तिरुपति, तमिलनाडु
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कल्कि भगवान मंदिर, जयपुर, राजस्थान
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विष्णुपद मंदिर, गया, बिहार
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विभिन्न विष्णु मंदिरों के दशावतार चित्र और मूर्तियाँ
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शम्भल, भविष्यवाणी में जन्मस्थान

🎉 त्योहार

विष्णु उत्सवों में दशावतार पूजा कुछ भक्तों द्वारा कल्कि जयंती / श्रावण शुक्ल षष्ठी धर्म स्थापना के लिए प्रार्थना
भक्ति में स्थान

महत्व

कल्कि अंधकार के बाद नई सुबह, धर्म की अनश्वरता, अधर्म के अंत और आशा के प्रतीक हैं। उनका संदेश यह है कि कलियुग कितना भी गहरा क्यों न हो, धर्म अंततः पुनः स्थापित होता है।

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Kalki की प्रार्थनाएँ और पाठ

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Kriyasya
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